जीवन का आनंद बिना 'प' और 'ब' के

जीवन का आनंद बिना 'प' और 'ब' के: जीवन का समर्पण।

तुम्हारे जीवन में 'प' और 'ब' की कोई भूमिका नहीं, तो अपने जीवन का आनंद उठाओ। 

कोई पिता नहीं, कोई बाप नहीं, जो तुम्हें परेशान करें। 

कोई पत्नी नहीं, कोई बीबी नहीं, जो तुम्हें परेशान करें। 

कोई पुत्र नहीं, कोई बेटा भी नहीं, जो तुम्हें परेशान करें। 

तो बस, अपने जीवन का आनंद लो और समर्पित रहो।

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