लगा। इसी दौरान एक दूसरा ग्राहक अंदर आया और दुकानदार से बोला "मुझे एक
'सी' बन्दर चाहिए। दुकानदार ने सिर हिलाया और एक तरफ रखे पिंजड़े से एक
बन्दर निकाला और एक पट्टा लगाकर उसे ग्राहक के हवाले किया और कहा कि
इसके 5000 रू . हुए।
ग्राहक ने पैसे दिये और बंदर को लेकर चला गया। चकित पर्यटक दुकानदार के
पास गया और पूछा "वो बन्दर बहुत ही मंहगा था। आम बन्दर तो कुछ सौ रूपयों
में आ जाते हैं। उसकी कीमत इतनी अधिक क्यों थी।"
दुकानदार ने जवाब दिया "अरे वो बन्दर 'सी' में प्रोग्राम लिख सकता है।
बहुत तेज़ी से और बिना ग़लती के। अपनी कीमत के बिलकुल लायक।"
पर्यटक ने एक और पिंजड़े के बन्दर को देखकर कहा कि "यह तो उससे भी ज़्यादा
मंहगा है। 10000 रू .। यह क्या करता है।"
"यह। यह तो 'सी प्लस प्लस' बंदर है। यह 'ऑब्जेक्ट ओरियेण्टेड प्रोग्रामिंग'
जानता है। 'विज़ुअल सी' और थोड़ी 'जावा' भी। सभी अच्छी चीज़ें।"
पर्यटक ने कुछ देर इधर उधर देखा और उसने एक पािंजड़े में तीसरे बन्दर को
पाया। उसके गले में लटकी पर्ची में उसकी कीमत 50000 लिखी थी। उसने
दुकानदार से पूछा "इसकी कीमत तो बहुत ही ज़्यादा है। ये ऐसा क्या करता है।"
दुकानदार ने जवाब दिया "इसे तो मैंने कुछ करते नहीं देखा। मगर यह कहता
है कि यह 'प्रोजेक्ट मैनेजर' hai.
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